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Enraged over the toll board issue, villagers from Karaunda Hathi staged a sit-in protest; a consensus has been reached to install a board at the toll plaza representing both villages.
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Shamli: टोल बोर्ड को लेकर गुस्साएं करौदा हाथी के ग्रामीणों ने दिया धरना, टोल पर लगेगा दोनों गांवों का बोर्ड, सहमति बनी
शामली। बाबरी में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर स्थित टोल प्लाजा पर गांव के नाम को लेकर बुधवार को फिर से विवाद खड़ा हो गया। करौदा हाथी के ग्रामीण बड़ी संख्या में टोल प्लाजा पर पहुंचे और जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए एनएचएआई के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों की मांग कि टोल प्लाजा पर लगे बोर्ड पर उनके गांव का नाम भी शामिल किया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि वर्तमान में टोल पर केवल बंती खेड़ा गांव का नाम लिखा हुआ है, जबकि करौदा हाथी भी इसी क्षेत्र का प्रमुख गांव है। इसके बावजूद उनके गांव के नाम की अनदेखी की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन में खलबली मच गई। मौके पर उपजिलाधिकारी हामिद हुसैन, सीओ थानाभवन अमरदीप मौर्य और एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। वार्ता के दौरान एनएचएआई के पीडी नरेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि टोल प्लाजा के बोर्ड पर दोनों गांव—करौदा हाथी और बनती खेड़ा—के नाम अंकित किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने सात दिन का समय मांगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगे बोर्ड को हटाकर नया बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें दोनों गांवों के नाम समान रूप से दर्ज होंगे। उपजिलाधिकारी हामिद हुसैन ने भी कहा कि इस मामले में उच्च अधिकारियों से वार्ता कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। प्रशासन के आश्वासन के बाद करौदा हाथी के ग्रामीणों ने सात दिन का समय देते हुए अपना धरना समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन के दौरान बाबा श्याम सिंह मलिक, बाबा राजेंद्र सिंह, कालेन्द्र मलिक, सत्यवीर सिंह, ब्लॉक प्रमुख जयदेव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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