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Mandi: हेरिटेज वॉक से छोटी काशी के स्वर्णिम इतिहास और विरासत को करीब से जानने का मिला मौका
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्स पर इस बार लोगों को मंडी के प्राचीन और प्रमुख स्थलों के इतिहास को करीब से जानने का मौका मिला। प्रशासन ने एक नई पहल करते हुए पहली बार हेरिटेज वॉक का आयोजन किया। इस हेरिटेज वॉक के माध्यम से लगभग 150 लोगों ने छोटी काशी के स्मृद्धशाली इतिहास के बारे में कई अहम जानकारियां हासिल की। छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर अपनी स्थापना के 500वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। ऐसे में मंडी में जारी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में प्रशासन ने बहुत से ऐसे इंतजाम किए जिससे लोगों को इस शहर के स्मृद्धशाली इतिहास को और करीब से जानने का मौका मिल सके। इसके लिए प्रशासन ने पहली बार हेरिटेज वॉक का आयोजन किया। इस हेरिटेज वॉक को सेरी मंच से शुरू करके माधो राय मंदिर, बाबा भूतनाथ मंदिर, पंचवक्त्र मंदिर, हनुमानघाट, खुहारानी मंदिर, अर्धनारीश्वर मंदिर, त्रिलोकीनाथ मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर, टारना देवी, बरसेल्ले और गणपति मंदिर होते हुए घंटाघर तथा इंदिरा मार्केट स्थित सिद्धकाली मंदिर में संपन्न किया गया। इतिहासकार सत्य महेश शर्मा ने गाइड की भूमिका निभाते हुए लोगों को उपरोक्त सभी प्राचीन और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करवाने के दौरान कई रोचक जानकारियां भी दी। आरटीओ मंडी नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने इस हेरिटेज वॉक को शिवरात्रि पर शुरू किया था और अब तक 150 लोगों ने इस वॉक के माध्यम से शहर के इतिहास के बारे में जाना है। उन्होंने बताया कि सभी लोगों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए इसे प्रशासन का एक बेहतरीन प्रयास बताया है। हेरिटेज वॉक के माध्यम से प्राचीन और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने आए माया शर्मा, रणजीत सिंह राणा और रजत ने बताया कि उन्होंने शहर के इन सभी स्थलों का कई बार भ्रमण किया। लेकिन इस बार एक मार्गदर्शक और इतिहासकार के माध्यम से जो रोचक जानकारियां उन्हें मिली, उसके बारे में उन्हें कभी पता ही नहीं था। इन्होंने इस अनुपम पहल के लिए प्रशासन का आभार जताया। बता दें कि 500 वर्ष पुराने मंडी शहर को छोटी काशी कहा जाता है। काशी के बाद यह दूसरा ऐसा नगर है जहां भगवान शिव के सबसे ज्यादा मंदिर हैं। इसके अलावा इस शहर में कई ऐसे प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल हैं जो शहर के स्मृद्धशाली इतिहास की विरासत को दर्शाते हैं।
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