छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए किए गए सर्वे में कथित गड़बड़ी के कारण महाराजपुर तहसील के ग्राम मऊपुर के किसान परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी पैतृक भूमि पर बना वर्षों पुराना कुआं सर्वे सूची में गलत तरीके से दूसरे हितग्राही के नाम दर्ज कर दिया गया है। इससे उन्हें मुआवजे और स्वामित्व संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने पटवारी से लेकर जिला प्रशासन तक शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। पीड़ित किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे ग्रामीणों के साथ धरना-प्रदर्शन करेंगे।
बिक्री के समय कुएं वाला खसरा रखा था अलग
ग्राम मऊपुर निवासी मगना, चत्तु, पंचा और बिहारी अनुरागी आपस में भाई हैं। चत्तु अनुरागी के निधन के बाद उनकी भूमि का नामांतरण उनके वारिसों शंकर, पूनम, रामप्रसाद, भगुंती, शांति और राजाबाई के नाम दर्ज किया गया था।
किसानों के अनुसार 25 जनवरी 2024 को मगना अनुरागी ने कुएं वाले खसरे को छोड़कर अपनी अन्य भूमि श्रीमती केसर पति मुन्ना पटैल को विक्रय की थी। विक्रय भूमि में खसरा नंबर 429/1, 430/2, 435/3, 437/2, 438/1, 439/2, 848/1, 851/1 और 852/1 शामिल हैं, जिनका कुल रकबा 0.900 हेक्टेयर है।
सर्वे सूची में कुएं की एंट्री को लेकर विवाद
किसान पंचा और बिहारी अनुरागी का कहना है कि उनकी पैतृक भूमि के खसरा नंबर 436 रकबा 0.0490 में चारों भाइयों के नाम के साथ कुआं दर्ज है। लेकिन केन-बेतवा परियोजना के सर्वे में इस कुएं को खसरा नंबर 437/2 में दर्शाते हुए श्रीमती केसर पटैल के नाम जोड़ दिया गया है।
किसानों का कहना है कि बिक्री के समय कुएं वाला खसरा अलग रखा गया था, इसके बावजूद सर्वे में उसे दूसरे खसरे में दर्ज कर दिया गया। इससे वास्तविक स्वामित्व और मुआवजे को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है।
ये भी पढ़ें- MP: खेत से लौट रहे थे मजदूर तभी टपरे पर गिरी आकाशीय बिजली; भाई-बहन की मौत, तीन ग्रामीण गंभीर रूप से झुलसे
सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित किसानों ने तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर को आवेदन देकर सर्वे सूची में संशोधन की मांग की है। उनका कहना है कि वास्तविक स्वामित्व के आधार पर मुआवजा तय किया जाए और भविष्य में ऐसी त्रुटियों की निष्पक्ष जांच हो।
वहीं, कल्पना अहिरवार (पटवारी, हल्का मऊपुर) ने कहा कि मेरे द्वारा जांच की गई है। रिकॉर्ड के अनुसार खसरा नंबर 437/2 में कुआं दर्ज है और खसरा नंबर 436 उससे सटा हुआ है। जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी गई है।