गुना जिला अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में बीते दिन जुड़वा नवजातों की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हमला करने की भी कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हालात को काबू में किया।
जानकारी के अनुसार 22 फरवरी को एक महिला ने जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी कराने के लिए संबंधित डॉक्टर द्वारा 5 हजार रुपये की मांग की गई थी। जिसको कचरे के डिब्बे में डालने दिए थे कुछ देर बाद एक नशे ने आकर उन पेसो को उठा लिया था । परिजनों ने दावा किया कि पैसे देने के बावजूद बच्चों की हालत जन्म के बाद से ही गंभीर बनी रही और इलाज के दौरान दोनों नवजातों की मौत हो गई, जिसके बाद परिवार का आक्रोश फूट पड़ा।
घटना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और उनके समर्थक अस्पताल में एकत्र हो गए और हंगामा मचाना शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने डॉक्टर पर लापरवाही और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए चप्पल फेंककर मार दी। डॉक्टर ने भागकर अपनी जान बचाई। हंगामे के कारण अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अन्य मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ समय के लिए मेटरनिटी वार्ड की सेवाएं भी प्रभावित रहीं।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। तहसीलदार जी एस बैरवा ने भी अस्पताल पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बावजूद परिजन देर तक अस्पताल परिसर में हंगामा करते रहे। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन अधिकारियों की समिति गठित कर दी है।
समिति को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। बता दें कि पूर्व में भी डिलीवरी करवाने के पैसे लेने की शिकायत आती रही है।