श्योपुर जिले के ग्राम नारायणपुरा में अचानक लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। आग की चपेट में आने से आधा दर्जन गोपालकों की टपरियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं। हादसे में गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया, वहीं कई मवेशी भी झुलस गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आगजनी में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
खेतों से उठीं लपटें, टपरियों तक पहुंची आग
जानकारी के अनुसार गांव के पास गेहूं की नरवाई में अचानक आग लग गई थी। तेज गर्मी और हवा के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। खेतों से उठती लपटें पास बनी गोपालकों की टपरियों तक पहुंच गईं और देखते ही देखते एक के बाद एक कई टपरियां आग की चपेट में आ गईं। आग इतनी तेज थी कि लोगों को अपना सामान सुरक्षित निकालने तक का मौका नहीं मिला। ग्रामीणों ने पानी की बाल्टियों, पाइप और टैंकरों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग लगातार फैलती चली गई।
अनाज, कपड़े और जरूरी दस्तावेज जलकर राख
भीषण आग में टपरियों के भीतर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, लकड़ी, घरेलू सामान और जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए। कई परिवारों के सामने अब खाने और रहने तक का संकट खड़ा हो गया है। आग की चपेट में आने से कुछ मवेशी भी झुलस गए, जिससे गोपालकों को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
समय रहते काबू नहीं पाता तो पूरे गांव तक पहुंच सकती थी आग
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो आग पूरे गांव तक पहुंच सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। आग की लपटों और धुएं के कारण गांव में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा।
प्रशासन और राजस्व टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से चर्चा कर नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। वहीं ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे फिर से अपना जीवन सामान्य कर सकें।
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नरवाई जलाने के खतरे फिर आए सामने
इस घटना ने एक बार फिर खेतों में नरवाई जलाने से होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है। हर साल गर्मियों के मौसम में नरवाई में आग लगने से इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। प्रशासन लगातार लोगों से खेतों में नरवाई नहीं जलाने की अपील करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही सामने आ रही है। फिलहाल गांव में आगजनी की इस घटना के बाद दहशत का माहौल बना हुआ है।