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नव वर्ष में अमेठी में शिक्षा... स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली के साथ यातायात सुविधाओं में सुधार की आस
अमेठी में उम्मीदों वाले साल 2026 का स्वागत है। समस्याएं हैं तो समाधान भी हैं। समाधान है तो तरक्की है और तरक्की है तो उम्मीद परवान भी चढ़ती है। आज हम नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ ऐसी ही पांच उम्मीदों को लेकर आए हैं, जिनके पूरा होने से जिले की तस्वीर बदलेगी और आमजन को मिलने वाली सहूलियतें भी।
तिलोई के पूरे गोबरे में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो गया है। फरवरी में बिल्डिंग हैंडओवर होने की उम्मीद है। इस काम के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त किया गया है।
न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है। गौरीगंज के बिशुनदासपुर में अधिग्रहीत भूमि पर 220 करोड़ रुपये की लागत से दीवानी न्यायालय का निर्माण जारी है। अभी लगभग 15 प्रतिशत कार्य पूरा हो पाया है। ये काम भी इसी साल पूरा होना है।
जल जीवन मिशन के तहत जिले में स्वीकृत 487 पेयजल परियोजनाओं में से 148 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इन योजनाओं से जुड़े गांवों और मोहल्लों में नल से जलापूर्ति शुरू हो गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है। शेष 339 परियोजनाएं निर्माण और विस्तार के विभिन्न चरणों में हैं।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में ऊर्जा निगम की ओर से कई स्तर पर काम आगे बढ़ा है। आरडीएसएस योजना के तहत करीब 1294 किलोमीटर जर्जर तार बदले गए हैं। इनमें 350 किलोमीटर लाइन एबीसी प्रणाली में बदली गई है। इससे लाइन लॉस घटने और दुर्घटनाओं का जोखिम कम होने की स्थिति बन रही है। जिले में लगे करीब 26 हजार ट्रांसफॉर्मरों में से लगभग 1250 की क्षमता बढ़ाई गई है।
सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम योजनाएं आगे बढ़ रही हैं। टांडा-बांदा हाईवे के चौड़ीकरण के साथ रिंग रोड फेज दो के निर्माण की तैयारी है। गौरीगंज क्षेत्र में रिंग रोड बनने पर नगर क्षेत्र से गुजरने वाला यातायात बाहर की ओर शिफ्ट होने की स्थिति बनेगी। करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से 68 किलोमीटर लंबे मुसाफिरखाना-गौरीगंज-अमेठी-प्रतापगढ़ मार्ग के चौड़ीकरण की योजना है। इसी मार्ग पर लखनऊ-वाराणसी रेलखंड स्थित सहजीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज बनने की प्रक्रिया है, जिससे फाटक पर लगने वाला जाम कम हो सकेगा। ठेंगहा गांव क्षेत्र में 2.5 किलोमीटर लंबा बाईपास और जिला मुख्यालय गौरीगंज में टिकरिया से करीब 4.5 किलोमीटर लंबा बाईपास प्रस्तावित है।
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