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Video: महाशिवरात्रि का उल्लास निकलेगी शिव बारात, सुग्रीव किला में रथयात्रा के साथ ब्रह्मोत्सव का शुभारंभ
हर हर महादेव... के उद्घोष के साथ रविवार को रामनगरी में महाशिवरात्रि का उल्लास बिखरेगा। राम की उपासना में डूबी रहने वाली रामनगरी शिवोपासना में लीन नजर आएगी। इसके लिए शिवालयों को भव्यता प्रदान की गई है। आसपास के जिलों से बड़ी संख्या शिवभक्त अयोध्या पहुंचकर ऐतिहासिक शिवमंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक व पूजन-अर्चन कर अपनी आस्था अर्पित करेंगे। करीब पांच लाख भक्तों के अयोध्या आगमन की संभावना है।
मान्यताओं के अनुसार यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के वैवाहिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। महाशिवरात्रि पर दर्शन-पूजन व अभिषेक के लिए भीड़ की सर्वाधिक दबाव नागेश्वनाथ मंदिर में होता है। राम की पैड़ी स्थित यह प्राचीन मंदिर सुबह साढ़े तीन बजे से ही खोल दिया जाएगा।
शनिवार को भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया। विवाह के अन्य लोकाचार पूरे किए गए। रविवार रात मंदिर से भव्य शिवबरात निकलेगी। इस बरात का क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर स्वागत किया जाएगा। रात में भगवान भोलेनाथ का धूमधाम से विवाह होगा। क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ की भव्य झांकी भी सजाई जाएगी।
17 से 19 तक होगी भजन संध्या, 19 को होगा संत सम्मेलन
रामनगरी की पावन वायु में भक्ति, उल्लास और वैदिक मंगल ध्वनियों का ऐसा समागम हुआ कि पूरा वातावरण दिव्यता से भर उठा। सुग्रीव किला में भगवान राजराजेश्वर सीताराम के ब्रह्मोत्सव का भव्य शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा के साथ हुआ। सुबह विशेष पूजन-अर्चन और अभिषेक के साथ उत्सव का श्रीगणेश हुआ।
ब्रह्मोत्सव अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को राममय कर दिया। रथ पर विराजमान प्रभु की झांकी, आगे-आगे शंखनाद करते भक्त, पीछे भजन-कीर्तन की मधुर स्वर लहरियां... यह दृश्य हर हृदय को भावविभोर कर रहा था।
शोभायात्रा के मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु का स्वागत किया। मंदिर के महंत जगद्गुरु विश्वेशप्रपन्नाचार्य ने बताया कि मंदिर में 11 फरवरी से भगवान राजराजेश्वर का ब्रह्मोत्सव, जगद्गुरु पुरुषोत्तमाचार्य की सप्तम पुण्यतिथि व वेदांतदेशिक स्वामी के वार्षिकोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ है। उन्होंने ब्रह्मोत्सव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सामूहिक श्रद्धा का महायज्ञ है।
ब्रह्मोत्सव के दौरान 19 फरवरी को संत सम्मेलन का आयोजित किया जाएगा। इसमें हजारों की संख्या में संत-धर्माचार्य शामिल होंगे। 17 से 19 फरवरी तक भजन संध्या का आयोजन होगा। जिसमें भजन गायक अनूप जलोटा, शंभू लहरी व चंचल कावरा से प्रसिद्ध कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।
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