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VIDEO: बरेली में पशु मित्रों ने किया कार्य बहिष्कार, एफएमडी टीकाकरण अभियान पर पड़ेगा असर
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 23 Jul 2026 05:38 PM IST
बरेली जिले में बुधवार से मुंह पका और खुर पका (एफएमडी) रोग से पशुओं को बचाने के लिए अभियान शुरू हुआ। हालांकि, अभियान को अंजाम देने वाले पैरा वेट्स यानि पशु मित्रों ने अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर दिया है। इससे इस महत्वपूर्ण अभियान की सार्थकता पर सवाल उठने लगे हैं। अब किस प्रकार विभाग इस अभियान को तय समयावधि में पूर्ण करेगा। ये बड़ी चुनौती है।
पशु मित्रों का कहना है कि वे करीब 20 वर्षों से जिले की हर ग्राम पंचायत में कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद पशुपालन विभाग ने उनके लिए कोई मानदेय निर्धारित नहीं किया है। उन्हें एक टीका लगाने के लिए केवल पांच रुपये मिलते हैं। इस मामूली राशि से उनके परिवारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। पशु मित्रों ने अपनी मांगों को पूरा न किए जाने पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस स्थिति से पशुओं के टीकाकरण का कार्य प्रभावित हो सकता है।
विभाग ने बनाई कार्य योजना, अब संकट
जिले के 5 लाख 84 हजार 550 पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने को सभी विकास खंड में पशु चिकित्सा अधिकारियों और पशुधन प्रसार अधिकारियों के नेतृत्व में 53 टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर घर-घर पशुओं का निशुल्क टीकाकरण करेंगी। वहीं घर-घर जाकर पशुओं को टीका लगाने की जिम्मेदारी पैरा वेट्स को दी गई है। अब उनके कार्य बहिष्कार करने से अभियान को पलीता लगना तय माना जा रहा है।
पशु मित्रों की प्रमुख मांगें
पशु मित्रों की मुख्य मांग स्थायी मानदेय निर्धारित करना है। वे लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। वर्तमान में उन्हें प्रति टीका केवल पांच रुपये मिलते हैं। यह राशि उनके परिवारों के भरण-पोषण के लिए अपर्याप्त है। कार्य बहिष्कार से पशुओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनमोहन पांडेय ने बताया कि पैरा वेट्स ने मांगों को लेकर पत्र दिया है। मानदेय निर्धारण संबंधी निर्णय शासन स्तर से किया जाना है। पैरा वेट्स के संगठन से वार्ता हुई है। वह कार्य पर लौट सकते हैं। हालांकि अभियान में 60 विभागीय कर्मचारी भी लगाए गए हैं। जिससे परेशानी नहीं होगी।
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