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Lakhimpur Kheri: 'रमजान रहमत और बरकत का महीना, रोजा रखने से पैदा होता है तकवा'
रहमत और बरकत के महीने रमजान की शुरुआत हो गई है। लखीमपुर खीरी के मस्जिद के पेश इमाम व मदरसा माहदुल ईमान हिदायत नगर के बानी मोहतमिम मौलाना मोहम्मद रईस नदवी ने बताया कि रमजान में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और शैतान को कैद कर दिया जाता है, ताकि लोग इबादत में मशगूल रहें। उन्होंने कहा कि रोजे का असल मकसद इंसान के दिल में तकवा पैदा करना है। रोजा भूख-प्यास सहने के साथ गरीबों और मजलूमों की तकलीफ का एहसास कराता है, जिससे लोगों में मदद और हमदर्दी का जज्बा बढ़ता है। मौलाना ने समझाया कि रोजा सिर्फ खाने-पीने से रुकने का नाम नहीं, बल्कि आंख, कान, जुबान और दिल का भी रोजा होता है। रोजेदार को बुराई, चुगली और गलत कामों से बचते हुए नेक रास्ते पर चलना चाहिए।
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