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बेटियों के सशक्तिकरण में बिलासपुर की पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान
जिला प्रशासन बिलासपुर की अभिनव पहल बिलासपुर की शान बेटियां-बेटियां बने कुशल ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रतिष्ठित स्कॉच ग्रुप की ओर से दिए जाने वाले स्कॉच अवार्ड 2025 के सेमीफाइनल में स्थान बनाया है। यह उपलब्धि बेटियों के सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में जिला प्रशासन की ओर से किए जा रहे नवाचारों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रमाण मानी जा रही है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से प्रेरित इस पहल का उद्देश्य बेटियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। जिला प्रशासन ने बेटियों को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया है। बताया कि कार्यक्रम के तहत विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ब्यूटीशियन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मोटर ड्राइविंग सहित कई रोजगारोन्मुख कोर्स करवाए जा रहे हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और जिले की अनेक बेटियां प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार शुरू करने के साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। उपायुक्त ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए इसे जनभागीदारी से जोड़कर एक व्यापक जन अभियान का रूप दिया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में जिले में जन्म के समय लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से चलाए गए जागरूकता अभियानों, स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों, समुदाय की भागीदारी से पिछले कुछ वर्षों में इसमें उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। वर्तमान में जिले का जन्म के समय लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्तर पर पहुंच गया है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है। उपायुक्त ने कहा कि बिलासपुर की शान बेटियां-बेटियां बने कुशल पहल का स्कॉच अवार्ड के सेमीफाइनल में पहुंचना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यदि यह पहल अंतिम चरण में पहुंचती है तो यह न केवल जिले बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मॉडल देश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक सिद्ध होगा।
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