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Sirmour: दिल्ली जा रहे हिमाचल के किसानों को पानीपत में रोका, तरसेम सिंह सग्गी बोले- 'इमरजेंसी जैसे हालात'
Ankesh Dogra
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:39 PM IST
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संयुक्त किसान मोर्चा (हिमाचल प्रदेश) से जुड़े किसानों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के किसान घाट और जंतर-मंतर पर आयोजित शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने जा रहे किसानों को हरियाणा के पानीपत में पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। किसान नेताओं का कहना है कि इस कार्रवाई के दौरान कई किसानों के मोबाइल फोन भी थाने में जमा करवा लिए गए।
जानकारी के अनुसार मंगलवार तड़के पांवटा साहिब से संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले करीब तीन दर्जन किसान आधा दर्जन वाहनों में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष एवं भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी तथा हिमाचल किसान सभा के उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह गोपी कर रहे थे।
किसान नेताओं के मुताबिक, हरियाणा में कई नाके पार करने के बाद पानीपत के पास पुलिस ने उनके वाहनों को रोक दिया। उनका दावा है कि दो वाहनों में सवार 11 किसानों को सेक्टर-13/11 थाना, पानीपत ले जाकर हिरासत में लिया गया। इनमें तरसेम सिंह सग्गी, गुरविंदर सिंह गोपी, जगजीत सिंह, बलदेव सिंह और हरजीत सिंह सहित अन्य किसान शामिल हैं। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली जाकर धरने में शामिल होने से रोका गया। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
तरसेम सिंह सग्गी और गुरविंदर सिंह गोपी ने आरोप लगाया कि देश में "इमरजेंसी जैसे हालात" बनाए जा रहे हैं और किसानों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसान शांतिपूर्ण तरीके से किसान घाट या जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है।
किसान नेताओं ने यह भी दावा किया कि अन्य चार वाहनों में सवार किसानों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि आशंका है कि उन्हें भी रास्ते में रोककर हिरासत में लिया गया होगा। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि यदि किसानों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जाता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है
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