{"_id":"68f339fa152014791f00b1fe","slug":"sambhal-86-hour-investigation-at-meat-traders-hideouts-friends-homes-also-searched-2025-10-18","type":"video","status":"publish","title_hn":"Sambhal: मीट कारोबारियों के ठिकानों पर 86 घंटे तक जांच, दोस्तों के घर भी खंगाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal: मीट कारोबारियों के ठिकानों पर 86 घंटे तक जांच, दोस्तों के घर भी खंगाले
Video Published by: पंखुड़ी श्रीवास्तव Updated Sat, 18 Oct 2025 12:25 PM IST
संभल जिले में मीट कारोबारी हाजी इमरान और हाजी इरफान के घर और गांव चिमियावली स्थित मीट फैक्टरी पर आयकर विभाग की अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी गुरुवार शाम समाप्त हो गई। करीब 86 घंटे तक चली यह कार्रवाई गुरुवार शाम साढ़े छह बजे समाप्त हुई, जब अधिकारी 20 से अधिक वाहनों के काफिले के साथ फैक्टरी से रवाना हुए।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की 70 से ज्यादा गाड़ियां सोमवार सुबह चार बजे जिले में दाखिल हुई थीं। इन गाड़ियों में करीब 120 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे, जिन्होंने मीट कारोबारियों के ठिकानों के अलावा उनके रिश्तेदारों और परिचितों के घरों पर भी जांच की। चार दिनों तक चली इस कार्रवाई के दौरान किसी को भी घर या फैक्टरी से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।
सूत्रों का कहना है कि छानबीन के दौरान कई अहम तथ्य और दस्तावेज हाथ लगे हैं। कार्रवाई के दौरान मिले इन तथ्यों के आधार पर विभाग की अन्य टीमें संबंधित लोगों के घरों तक भी पहुंचीं। चर्चा यह भी है कि सरायतरीन क्षेत्र में एक परिचित के घर से एक संदिग्ध बैग बरामद किया गया है, जिसमें नकदी, जेवर या महत्वपूर्ण दस्तावेज हो सकते हैं। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
कार्रवाई के दौरान विभाग को कई बोगस फर्मों का भी सुराग मिला है। बताया जा रहा है कि इन फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ था और इन्हें कारोबारियों के रिश्तेदारों तथा परिचितों के नाम पर संचालित किया जा रहा था। इन फर्मों के जरिये पशुओं की खरीद-फरोख्त और मीट आपूर्ति की जाती थी।
छापेमारी के चलते जिले की प्रमुख मीट आपूर्ति कंपनी “इंडिया फ्रोजन फूड” की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। अब स्थानीय व्यापारी दूसरे जिलों से मीट मंगवाकर सीमित मात्रा में बिक्री कर रहे हैं, जबकि ज्यादातर दुकानें बंद हैं।
चार दिन तक चली इस जांच के दौरान फैक्टरी परिसर में करीब 150 से 180 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था स्थानीय होटलों से की गई। कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी कर्मचारी और मजदूर घर लौट गए। यह छापेमारी संभल जिले में अब तक की सबसे बड़ी और सबसे लंबी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसने पूरे जिले में हलचल मचा दी है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।