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Mandi News: कारगिल शहीदों का सर्वोच्च बलिदान पीढ़ियों को देता रहेगा देशभक्ति की प्रेरणा, टिहरा में बोले डॉ. धनीराम शांडिल
Ankesh Dogra
Updated Sun, 26 Jul 2026 04:30 PM IST
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के टिहरा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में स्वास्थ्य एवं सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रभक्ति और देशसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत के वीर सैनिकों का त्याग और शौर्य देशवासियों के लिए हमेशा गर्व और प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
समारोह के दौरान डॉ. शांडिल ने लगभग 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित युद्ध स्मारक परिसर का लोकार्पण किया और शहीदों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वीर नारियों, शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित भी किया गया।
स्वास्थ्य एवं सैनिक कल्याण मंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा भारतीय भूतपूर्व सैनिक लीग (हिमाचल प्रदेश), टिहरा इकाई और डीएवी स्कूल ग्रियोह के एनसीसी कैडेट्स की आकर्षक मार्च पास्ट की सलामी ली।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें 12 वीर जवान मंडी जिले से थे। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्तरा और सूबेदार मेजर संजय कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल के युवाओं ने हमेशा देश की रक्षा में अदम्य साहस का परिचय दिया है।
डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि रोजगार में पूर्व सैनिकों के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 1,220 पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के माध्यम से 4,305 से अधिक पूर्व सैनिकों को विभिन्न विभागों और संस्थानों में रोजगार मिला है, जबकि 232 से अधिक ट्रकों को सीमेंट फैक्ट्रियों में लगाया गया है।
मंत्री ने बताया कि जिन पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को कोई पेंशन नहीं मिलती तथा जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है, उनकी वृद्धावस्था पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है। इसके तहत 3,160 लाभार्थियों को 12.82 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई।
उन्होंने कहा कि युद्ध या युद्ध जैसी परिस्थितियों में शहीद सैनिकों के लिए अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये तथा बीमारी या अन्य कारणों से मृत सैनिकों के लिए 5 लाख से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये कर दी गई है। मंडी जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान मृत सैनिकों के आश्रितों को 2.81 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है।
समारोह में सैनिक कल्याण निदेशक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) मदनशील शर्मा, आईईएसएल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल खेम सिंह, टिहरा इकाई के अध्यक्ष रमेश तपवाल, पूर्व मंत्री रंगीलाराम राव, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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