{"_id":"6819c540607fd174180e9974","slug":"video-mid-day-meeting-was-organised-in-dav-inter-college-baghpat-regarding-restoration-of-old-pension-2025-05-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बागपत के डीएवी इंटर कॉलेज में मध्यावकाश बैठक का किया गया आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बागपत के डीएवी इंटर कॉलेज में मध्यावकाश बैठक का किया गया आयोजन
डिंपल सिरोही
Updated Tue, 06 May 2025 01:46 PM IST
Link Copied
बागपत जनपद के अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे के डीएवी इंटर कॉलेज में अटेवा पेंशन बचाओ मंच द्वारा मध्य अवकाश में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें नई पेंशन से आच्छादित सभी शिक्षकों ने प्रतिभाग किया अटेवा के जिला महामंत्री राजेश कुमार सरोज ने बताया की 1 मई दिल्ली चलो कार्यक्रम को निरस्त करके मुख्यालयों पर पहलगाम में मारे गए यात्रियों की शोक में कैंडल मार्च का आयोजन कराया गया। इस कार्यक्रम के बाद अटेवा का सदस्यता अभियान प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने बताया की पुरानी पेंशन हमारा हक है, हमारे बुढ़ापे की लाठी है, इसे हम लेकर रहेंगे। एनपीएस यूपीएस में हमारा काटा गया अनुदान ही हमें नहीं मिलेगा। हमारा पैसा शेयर बाजार में लगाया जाएगा। एनपीएस के स्थान पर सरकार यूपीएस का विकल्प दी जिसे सरकारी कर्मचारी शिक्षकों सभी ने नकार दिया। पुरानी पेंशन व्यवस्था में जीपीएफ की कटौती होती थी और उस पर चक्रवृद्धि ब्याज भी मिलता था। जीपीएफ की कटौती से पेंशन का सीधा-सीधा कोई लेना-देना नहीं था जीएफ का पैसा सेवानिवृत्ति होने के बाद एक मुस्त मिलता था। पुरानी पेंशन व्यवस्था में अंतिम वेतन का 50% और उस समय मौजूद महंगाई भत्ते को जोड़कर पेंशन के रूप में दिया जाता था।देश के लाखों लाख शिक्षक कर्मचारी बिना पेंशन के जीवन यापन करने पर मजबूर हो रहे हैं। कई शिक्षक साथी एवं कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद एक भी पैसा उन्हें नहीं मिला है उनका जीवन यापन करना कष्टमय हो गया है। सरकार से अपील की जाती है कि वह पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करें नहीं बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। सांसदों विधायकों को शपथ मात्रा ले लेने से पुरानी पेंशन व्यवस्था दी जा रही है पांच बार कोई सांसद या विधायक है तो उसे पांच बार पेंशन मिल रही है और शिक्षकों एवं कर्मचारियों एक पेंशन देने में आर्थिक संकट अथवा बोझ दिखाया जाता है। एक देश में दो विधान कैसे चल रहा है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार शर्मा अजय वीर सिंह नरेंद्र पाल सिंह संदीप कुमार विक्रम सिंह पूनम देवी मोनिका सतीश कुमार चट्टान सोनकर अशोक कुमार पियूष गुप्ता आदि सभी मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।