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VIDEO: रुपईडीहा में आयकर विभाग ने दो प्रतिष्ठानों को खंगाला, व्यापारियों ने उठाई करेंसी विनिमय काउंटर की मांग
रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल सीमा से सटे रुपईडीहा बाजार में सोमवार को आयकर विभाग की टीम ने दो प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। छह से सात लग्जरी वाहनों में सवार दर्जनों अधिकारियों की इस कार्रवाई से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। हालांकि घंटों चली जांच के बावजूद विभाग को कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी।
जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर को करीब 11 बजे आयकर विभाग का दल रुपईडीहा पहुंचा। अधिकारियों ने बहराइच के एसपी से फोर्स लेकर पहले स्थानीय मारुति मेगा मार्ट पर छापा मारा। व्यापारी नेताओं और पत्रकारों के मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने जांच जारी होने का हवाला देते हुए कोई जानकारी साझा नहीं की। इसके बाद टीम के कुछ अधिकारी गुरुकृपा इंटरप्राइजेज, जो फर्नीचर और इंटीरियर डेकोरेशन का व्यवसाय करती है, वहां भी जांच करने पहुंचे। शाम तक चली कार्रवाई के दौरान भी विभागीय अधिकारियों ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, रुपईडीहा जैसे सीमाई बाजारों में भारत-नेपाल के बीच दशकों से सीमित स्तर पर मुद्रा विनिमय और खरीद-बिक्री का चलन रहा है। नेपाली नागरिक भारतीय बाजारों में नेपाली मुद्रा लेकर खरीदारी करते हैं, वहीं भारतीय नागरिक नेपाल में भारतीय मुद्रा का उपयोग करते हैं। नेपाल में तो मुद्रा विनिमय काउंटर संचालित हैं, पर भारतीय सीमा क्षेत्रों में ऐसे काउंटरों की कमी के कारण छोटे दुकानदार खुद ही यह विनिमय करते हैं।
व्यापारियों का कहना है कि यह पुराना और सीमाई परंपरा आधारित कारोबार है, जिससे स्थानीय लोगों को सहूलियत रहती है। इसलिए इस जांच को लेकर क्षेत्र में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना स्पष्ट कारण के इस कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी। व्यापारियों ने मांग की है कि जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और प्रेस या व्यापारी प्रतिनिधियों को जानकारी दी जानी चाहिए थी।
इसी बीच उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष बलराम मिश्रा, उपाध्यक्ष कन्हैया वर्मा, सुभाष चंद्र जैन, हाजी अब्दुल रहीम तथा संरक्षक रतन अग्रवाल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी मुद्रा विनिमय की समस्या को लेकर होती है।
वहीं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष शैलेश जयसवाल, महामंत्री योगेंद्र शर्मा सहित संगठन के सभी पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि भारतीय-नेपाली करेंसी के विनिमय के लिए एक वैधानिक काउंटर स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संभव हो तो बैंक में सीधे नेपाली करेंसी को खाते में जमा करने की सुविधा दी जाए, जिससे व्यापारियों की परेशानी दूर हो सके।
व्यापारियों ने कहा कि नेपाली करेंसी में सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार दशकों से चलता आ रहा है, यह कोई नई बात नहीं है। परंतु अधिकृत करेंसी विनिमय काउंटर न होने से व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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