बांदा जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को त्वरित जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। इससे मरीजों को जांच के साथ इलाज कराने के लिए 24 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। एक मशीन में एक बार में सिर्फ 50 सैंपल ही लगाए जाते हैं। जबकि जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 300 मरीज जांच कराने आते हैं। इससे मरीजों को दो घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट मिलना दिवा स्वप्न हो रहा है।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में बायोकेमेस्ट्री की तीन जांच मशीन हैं। इनमें एक साफ्टवेयर न होने की वजह से अनुपयोगी है। जबकि दूसरी आए दिन खराब बनी रहती है। ऐसे में एक ही मशीन से मरीजों को जांच रिपोर्ट दी जा रही है। इसी तरह से ट्रामा सेंटर में भी लगी एक बायोकेमेस्ट्री जांच मशीन भी साफ्टवेयर न होने की वजह से ट्रामा सेंटर में जांच सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। इन मशीनों के शुरू न होने की वजह से प्रतिदिन पैथोलॉजी में आने वाले 300 मरीजों की जांचे विलंब से मिलती है। मरीजों को कम से कम 24 घंटे इंतजार करना पड़ता है।
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