Hindi News
›
Video
›
Uttar Pradesh
›
Meerut News
›
Worship of Mother Kushmanda dispels all of life's obstacles; devotees arrive at an ancient temple in this historic city to offer their prayers.
{"_id":"69c00cacdc65896e94060beb","slug":"video-worship-of-mother-kushmanda-dispels-all-of-lifes-obstacles-devotees-arrive-at-an-ancient-temple-in-this-historic-city-to-offer-their-prayers-2026-03-22","type":"video","status":"publish","title_hn":"Meerut: मां कुष्मांडा की पूजा से दूर होती हैं जीवन की सभी बाधाएं, ऐतिहासिक नगरी के प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: मां कुष्मांडा की पूजा से दूर होती हैं जीवन की सभी बाधाएं, ऐतिहासिक नगरी के प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालु
मेरठ। हस्तिनापुर की ऐतिहासिक नगरी के प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चल रही नवरात्रि पूजा के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप माता कुष्मांडा की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा की हैं। मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां कुष्मांडा की पूजा करने से विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि होती है और बुद्धि का विकास होता है। साथ ही, उनकी पूजा से काम ने आने वाली बाधाएं स्वयं ही दूर हो जाती हैं। मां का रूप बहुत ही आलौकिक और दिव्य है। दुर्गा माता के स्वरूपों का वर्णन देवी भागवत पुराण में भी किया गया है। माता के इस रूप की पूजा करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है की मां कुष्मांडा मनोकामना पूरी करने वाली हैं। मंदिर के आचार्य मुकेश शांडिल्य ने माता की कथा में कहा ऐसी मान्यता है कि मां कुष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति की थी। इसी के चलते देवी को कुष्मांडा मां के नाम से जाना जाने लगा। सृष्टि के आरंभ में चारों तरफ जो अधंकार था मां ने उसे अपनी हंसी से दूर किया। माता के भीतर सूर्य की गर्मी सहने की शक्ति है। माता कुष्मांडा शेर की सवारी करती हैं और उनकी आठ भुजाएं हैं। जिनमें अस्त्र मौजूद हैं। उनकी भुजाओं में कलश, कमल, सुदर्शन चक्र और कमंडल सुशोभित है। मां का चौथा स्वरूप जीवन जातक को शक्ति प्रदान करने वाला माना गया है। उनका रूप बहुत दिव्य और आलौकिक है। पूजा की सभी विधि चंद्र प्रकाश शुक्ला ने संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि पांचवें दिन स्कंद माता स्वरूप की पूजा अर्चना होगी। इस अवसर पर मंदिर में ज्योति शर्मा, काजल शर्मा, रानी, अमन विनोद उर्फ मुखिया पंडित, रिक्की शर्मा, सुबोध मावी, विशू शर्मा आदि मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।