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बाराबंकी में जिला पंचायत की बैठक बनी सियासी अखाड़ा: मंत्री के सामने सदस्य ने अफसर को कहा 'चोर'
बाराबंकी में जिला पंचायत सभागार में शनिवार को हुई बोर्ड की बैठक विकास योजनाओं से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप और सियासी टकराव के लिए याद की जाएगी। खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा की मौजूदगी में जिला पंचायत की बैठक अचानक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गई।बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य रामबरन ने डिप्टी आरएमओ पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें खुलेआम 'चोर' करार दे दिया। रामबरन ने मंत्री से कहा कि यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तो इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह बयान आते ही सभागार में शोरगुल और हंगामा शुरू हो गया।
इसी बीच समाजवादी पार्टी के सदर विधायक सुरेश यादव ने जिले में खाद्यान्न खरीद को लेकर बड़ा आरोप जड़ दिया। विधायक ने कहा कि पूरे जिले में 100 क्विंटल से अधिक की खरीद में भारी घोटाला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि यदि इन मामलों की गहराई से जांच कराई जाए तो खतौनी किसी की और आधार किसी का लगा मिलेगा, जो पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
विधायक के आरोपों पर राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने सख्त लहजे में जवाब देते हुए कहा कि आरोपों को लिखित रूप में दें, सरकार हर बिंदु पर जांच कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई से कोई पीछे नहीं हटेगा।
हंगामेदार माहौल के बावजूद बैठक में विकास कार्यों को लेकर अहम फैसले भी लिए गए। बोर्ड ने करीब 74.50 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। साथ ही खनिज परिवहन उपविधि-20 को सर्वसम्मति से लागू कर दिया गया। इस उपविधि के तहत अब जिला पंचायत प्रशासन बालू और मिट्टी के खनन से जुड़े ठेकों पर सीधा नियंत्रण रखेगा, जिससे राजस्व बढ़ाने के साथ अवैध खनन पर लगाम लगाने का दावा किया गया। आरोपों की तपिश, मंत्री की दो टूक और करोड़ों के फैसलों के बीच जिला पंचायत की यह बैठक न सिर्फ हंगामेदार रही, बल्कि जिले की राजनीति में नई बहस की जमीन भी छोड़ गई।
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