रायबरेली में लालगंज के बहाई गांव के पास माइनर उफनाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। माइनर में पानी रुकने और जगह-जगह कट जाने से करीब 200 बीघे फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
डलमऊ रोड स्थित छिवलहनी से बहाई गांव तक माइनर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। समुचित सफाई न होने से पानी का बहाव बाधित है। नतीजतन माइनर ओवरफ्लो हो गई है। सैकड़ों बीघे तैयार फसलें पानी में डूब गईं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बुवाई और रोपाई के समय नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। अब जब गेहूं, सरसों, आलू सहित अन्य फसलें तैयार खड़ी हैं तब पानी छोड़ने से नुकसान हो रहा है। सूचना देने के बावजूद सुध नहीं ली जा रही है। गांव निवासी बृजलाल, गौरव, रामदीन, शंकर बघेला, बृजलाल पासवान, रोहित यादव, अजीजुर रहमान, आरिफ बेग व गयास मोहम्मद सहित कई किसानों के खेत पानी से लबालब भरे हैं। फसल सड़ने की आशंका से सभी परेशान हैं।
किसानों ने बताया कि वह मजबूरी में निजी खर्च से जेसीबी मंगाकर पटरियों की मरम्मत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन इसके बावजूद पटरी बार बार कट रही है। समय रहते माइनर की सफाई और मरम्मत कराई जाती, तो यह स्थिति नहीं आती। किसानों ने नहर विभाग और प्रशासन से पटरियों की मरम्मत कराने की मांग की है। नहर विभाग के अवर अभियंता सौरभ कुमार ने बताया कि किसानों की सूचना पर पानी को रोक दिया गया है। क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत कराई जा रही है।
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