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VIDEO: बारिश ने रोकी कटाई, खेतों में भीगी फसल से बढ़ी चिंता, नुकसान का खतरा बढ़ा
अप्रैल में गेहूं कटाई के बीच बारिश ने खेती की रफ्तार थाम दी है। रुक-रुक कर हो रही बरसात और तेज हवा ने किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया। खेतों में तैयार फसल भीगने लगी, जिससे नुकसान का डर बढ़ गया।
जिले में गेहूं और सरसों की कटाई व मड़ाई का काम जारी है। मंगलवार देर रात और सुबह हुई बारिश से खेतों में पड़ी फसल भीग गई। जमीन में नमी बढ़ने से कटाई रुक गई और मशीनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी। इससे उत्पादन घटने और दाने के काला पड़ने की आशंका बढ़ी है। किसानों का कहना है कि इस समय साफ मौसम सबसे जरूरी होता है, मगर लगातार बारिश से काम प्रभावित हो रहा है। राम अचल तिवारी ने बताया कि खेतों में कटी फसल पड़ी है, बारिश से नुकसान बढ़ रहा है। श्याम सुंदर पांडेय ने कहा कि मशीनें चल नहीं पा रहीं, जिससे कटाई में देरी हो रही है। त्रियुगी नारायण और शैलेंद्र शुक्ल ने बताया कि फसल बार-बार भीगने से गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। राम किशोर और राजनाथ मिश्र ने कहा कि मौसम साफ न हुआ तो नुकसान बढ़ सकता है। धर्मेंद्र शुक्ल ने बताया कि किसान लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए हैं। खेतों में काम रुकने से लागत बढ़ने की चिंता भी सामने आ रही है।
शुरू हुआ सर्वे
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि फसल नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। एक से छह अप्रैल के बीच 100 किसानों ने फसल बीमा योजना में दावा किया है। राजस्व और कृषि विभाग की टीम खेतों में सर्वे कर रही है। क्रॉप कटिंग सर्वे तहसील स्तर पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि बीमा से जुड़े किसान फसल खराब होने पर 14447 नंबर पर सूचना दे सकते हैं। 72 घंटे के भीतर टीम मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट तैयार करती है। खरीफ सीजन में हजारों किसानों को क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है।
किसान: 3.50 लाख
किसान क्रेडिट कार्ड योजना से आच्छादित: 90 हजार
फसल बीमा से आच्छादित: 25 हजार
गेहूं फसल: 1.16 लाख हेक्टेयर
सरसों फसल: 3 हजार हेक्टेयर
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